.... तो अब शायद इनका •ाी बदले सूरते हाल!
बसपा शासन में अम्बेडकर गांवों पर हुआ करोड़ों रुपयों का खर्च
2011-12 वर्ष में जिले के 119 अम्बेडकर गांवों पर 37088 लाख रुपया खर्च किया गया
मायावती सरकार में सूबे के अम्बेडकर गांवों का ही विकास प्रमुख रूप से होता रहा। शासन के प्रमुख सचिव की ओर पिछले पांच वर्षों में सूबे के स•ाी मण्डलायुक्तों और जिलाधिकारियों को समय समय पर अम्बेडकर गांवों में विकास कार्य कराये जाने को लेकर निर्देश दिये जाते रहे। लेकिन मौजूदा समय में बदलता आलाहाकिमों का निजाम अब किस करवट बैठेगा? यह तो आना वाला वक्त ही तय करेगा। क्या सपा सरकार में अम्बेडकर गांवों की उपेक्षा होगी, या फिर स•ाी गांवों को एक तरह से तरजीह दी जायेगी। यह बात •ाी देखने वाली होगी।
इतना ही नहीं दलितों के •ाारी वोट बैंक पर एकाधिकार बनाये रखने के लिये बहुजन समाज पार्टी ने कई हथकण्डों के अपनाने के साथ साथ सरकारी कामों से •ाी फायदा पाने में कोई कसर नही छोड़ी और शासन स्तर से खासकर बडेÞ अधिकारियों को जिलों के अम्बेडकर गांवों का निरीक्षण करने के लिये अचानक •ोजा जाता रहा। जाहिर है बसपा सरकार दलितों में यह संदेश देना चाहती रही कि उनकी पार्टी से ज्यादा हिमायती उनके लिये और कोई दल नहीं है। फिलहाल आज शपथ ग्रहण समारोह सपा के युवराज अखिलेश यादव का यूपी के सीएम के तौर पर होने जा रहा है तो ऐसे में अब अम्बेडकर गांवों के अलावा, या यूँ कहें कि अन्य गांवों को •ाी सपा सरकार से विकास की दरबार हो गयी है।
यदि हाल ही के कुछ चौंकानें वाले आंकड़ों पर गौर करें तो वाकई यह साफ हो जायेगा कि किस तरह विकास के नाम पर खजाना खाली होने का रोना रोने वाली बसपा सरकार ने जिलों के अम्बेडकर गांवों पर करोड़ों रुपया महज वोटों को पाने के लिये खर्च किया। प्रदेश •ार के अम्बेडकर गांवों के लिये खोला गया माया सरकार द्वारा खजाना कितना कारगर यहा, यह तो सबने देखा लेकिन इस तरह की कार्यशैली ने बसपा राज पर एक तरह से सवालिया निशान खड़ा कर दिया है। यदि बात सीतापुर जिले की ही की जाये तो वर्ष 2011-12 में ही जिले के 119 गांवों का चयन अम्बेडकर ग्राम स•ाा विकास योजना के लिये किया गया था। इन गांवों पर 37087.85 लाख रुपया खर्च किया गया। यह तो महज एक जिले के एक वर्ष का आंकड़ा है, यदि इस तरह से प्रदेश के स•ाी जिलों के पांच वर्षों की तस्वीर देखीं जायें तो यह साफ हो जायेगा कि बसपा सरकार ने अपने पांच वर्ष के कार्यकाल में किस तरह करोड़ों रुपया अन्य सैकड़ों गांवों की उपेक्षा कर चंद गांवों पर ही खर्च किया।
प्वांइटर
1. 2011-12 में जिले की 119 ग्राम स•ााओं में 1091.09 लाख रुपयों के शौंचालयों का निर्माण कार्य हुआ
2. इसी तरह इस एक वर्ष में 361.41 किलोमीटर मिट्टी का काम अम्बेडकर गांवों में कराया गया और 212 किलोमीटर लेपन का कार्य हुआ। जिस पर तकरीबन 9526.64 लाख रुपया खर्च हुआ।
3. इसी तरह सीसी रोड के काम पर 13932.79 लाख रुपया खर्च किया गया।
4. वहीं केसी डेÑन के काम पर 7278.93 लाख रुपया खर्च किया गया।
5. अम्बेडकर गांवों में विद्युतीकरण के काम पर 1483.50 लाख रुपया खर्च किया गया।
6. गांवों में हैण्डपम्प लगवाने के नाम पर 116.85 लाख रुपया खर्च किया गया।
7. अम्बेडकर गांवों में आवासहीनों को आवास आवंटन किये जाने के नाम पर कुल 3658.05 लाख रुपया खर्च किया गया।
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