Saturday, 2 July 2011

बदलाव की नयी परिभाषा



इस अतीत की सुन्दरता को क्यूँ भूल गए हो, क्या आने वाला भविष्य इसी बात का है. मैंने सोचा तुमसे ये बात पूछूं की क्या दिन बदलने पर तस्वीर में यही बदलाव आता है बदलते मौसम, दिन, पल, जीवन, संस्कृति, कला, लोगो का नजरिया हर उस चीज पर क्यों बदलाव हा रहा है.इस बदलते परिद्रश्य में क्यूँ बदलाव हो रहा है. कहते है गया समय नहीं आता तो क्या हम उस गये समय को ही याद कर अतीत की धारा में गोते लगाते रहेंगे, बदलाव के इस दौर में क्या आने वाले समय को अपने नजरिये से नहीं देख सकते 

हम देखंगे क्यूँ की बदलाव ने कुछ नयी परिभासाये लिखी है हमे भी लिखना है.